| कुछ बातें कुछ बातें है तुम्हारी जो सताती है कुछ यादें है जो रुला जाती है कुछ पल है जो अब तन्हा होने का एहसास दिलाते है कुछ तुम्हे खो देने का विश्वास दिलाते है कुछ बातें है तुम्हरी जो सताती है कुछ यादें है जो रुला जाती है रखी है तुम्हारी कुछ तस्वीरें मेरे पास जो भरे दिल को और भर जाती है बिखरे है इन तस्वीरों की कांच के कुछ टुकड़े जो आए दिन मेरे पौंवो में चुभ जाते है कुछ बातें है तुम्हारी जो सताती है कुछ यादें है जो रुला जाती है आज भी जब तनहा चलता हूँ तुम्हारी हथेलियों को महसूस करता हूँ एक छोटे सी आहट पर तुम्हारी झलक पाने को मैं अक्सर मुड़ता हूँ कुछ बातें है तुम्हारी जो सताती है कुछ यादें है जो रुला जाती हैं |